योगीराज के सौ दिन – संकल्प पथ पर पूरे होते वायदे

जनता तो शायद यह समझने लगी थी कि चुनावी घोषणा पत्र मात्र घोषणाओं का पिटारा होता है। यदि हार गये तब तो वायदे पूरे किए ही नहीं जा सकते और जीत गये तो सत्ता की चकाचैंध में वायदों का स्वर मंद पड़ने लगता है। पर कोई तो है जो घोषणाओं को मात्र एक भूले बिसरे वायदे के रूप में नहीं देखता बल्कि उसके लिए घोषणा पत्र संकल्प पत्र है और प्रतिबद्वता का प्रतिबिंब है। उत्तर प्रर्देश में सत्ता संभालने के 100 दिनों के भीतर योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनाव पूर्व किए गये वायदों को पूरा करने की झड़ी सी लगा कर यह दिखा दिया है कि प्रदेश का नेतृत्व कुशल हाथों में आ पहुंचा है और प्रदेश एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर है।

 

माननीय प्रधान मंत्री के नेतृत्व में सामाजिक और आर्थिक न्याय की स्थापना, गरीबों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं की आत्मनिर्भरता एवं अन्त्योदय के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु जो बयार तीन वर्ष पूर्व केंद्र से चलना प्रारंभ हुई थी उसके हल्के हल्के झोंके अब उत्तर प्रदेश की वायु को प्रभावित करने लगे हैं। उत्तर प्रदेश दिन दुगनी रात चैगुनी उन्नति करने लगा है, यह कहना तो अभी जल्दबाज़ी होगी, परन्तु इसमें कोई दो राय नहीं है कि जिस तीव्रता और कुशलता के साथ सत्ता संभालने के मात्र 100 दिनों के भीतर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काम करना प्रारंभ किया है उससे स्पष्ट हो जाता है कि पिछड़ेपन से ग्रस्त उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन, गरीबी, गुंडाराज एवं भ्रष्टाचार को त्याग कर एक प्रगतिशील प्रदेश बनने के पथपर अग्रसर हो चुका है जहां जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को शासन की नीतियों के माध्यम से ज़मीन पर उतारने की ज़िम्मेदारी योदी आदित्यनाथ सरकार ने अपने कंधों पर ले ली है।

चुनाव पूर्व भाजपा ने जो संकल्प पत्र जारी किया था वह उत्तर प्रदेश में परिवर्तन, विकास एवं गरीबों के सशक्तिकरण की दिशा में पार्टी के संकल्पों और प्रतिबद्वताओं का दस्तावेज़ था। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार के प्रदेश का बजट तैयार करने में लोक कल्याण संकल्प पत्र के बिन्दुओं को ध्यान में रखे जाने के निर्णय ने यह ज़ाहिर कर दिया है कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार जवाबदेही के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अग्रसर है।

सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने आम जनता को निर्धारित समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक विभाग को सिटीज़न चार्टर तैयार करने के निर्देश दिए हैं जिसको सभी को मानना होगा। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों में कामचलाऊ व्यवस्था को तत्काल बंद करने और पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली अपनाने, पत्रावलियों का रखरखाव ठीक ढंग से करने, फाइलों के निस्तारण की तारीख तय करने और कर्मचारियों को कार्यालय में समय पर उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए ताकि जनता के काम सुचारू और व्यवस्थित ढंग से हो सकें।

हाल ही में एक प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर कोई कार्य नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गये हैं कि ‘‘वे किसी जाति विशेष, धर्म और चेहरे के आधार पर कार्यवाई न करें।’’

चुनावी घोषणापत्र में किए गये एक और वायदे को पूरा करते हुए प्रर्देेश सरकार ने विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं जिसके बाद प्रर्देश में सभी पंथ-वर्ग व जाति का विवाह पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों और विधायकों से बेहतर समन्वय हेतु सप्ताह में एक बार मुलाक़ात करने का फैसला किया है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि ‘‘मुख्यमंत्री सप्ताह में प्रत्येक शुक्रवार अपरान्ह 04 बजे से 05 बजे तक सांसदों से भेंट करेंगे।’’ जन प्रतिनिधियों के क्षेत्र में विकास के रास्ते में आ रही दिक्कतों के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी देने के लिए यह मुलाक़ात तय की गयी है।

प्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की कोशिश में योगी केबिनेट ने सभी सरकारी विभागों में ई-टेंडरिंग तथा ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली व्यवस्था लागू किये जाने का फैसला लिया है। यह निर्णय भी वर्तमान सरकार के लोक कल्याण संकल्प पत्र के वायदे के अनुरूप किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी सरकारी कांट्रेक्ट के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। फलस्वरूप, ई-प्रोक्योरमेंट एवं ई-टेंडरिंग प्रणाली के अन्तर्गत विभिन्न कार्यवाईयां जैसे ई-रजिस्ट्रेशन, ई-कोडिंग, टेण्डर क्रियेशन, टेण्डर प्रकाशन, टेण्डर परचेज, सबमिशन, बिड-ओपनिंग आदि समस्त कार्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से किये जायेंगे।

विकास को गति प्रदान करने की कोशिश को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश मंत्रिपरिषद ने गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए हिन्दुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड को भूमि के अन्तरण हेतु स्टाम्प शुल्क में छूट के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने तहसील और थाना दिवस को पूर्ण समाधान दिवस में बदलने की अपील करते हुए कहा है कि अब गलत रिपोर्ट लिखाने वालों के खिलाफ भी कार्यवाई की जायेगी। साथ ही उन्होंने तमाम अफसरों और कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे तहसील और थाना दिवसों का उपयोग जनता की समस्याओं के निवारण हेतु करें ताकि फरियादियों की समस्याओं का तुरंत निरस्तारण हो सके।

एक और बड़ा क़दमउठाते हुए वर्तमान राज्य सरकार ने प्रर्देश में वी0आई0पी0 कल्चर को खत्म करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में लाल और नीली बत्ती के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी करते हुए साफ किया कि कोई नेता, मंत्री और अधिकारी अपनी गाड़ियों पर लाल या नीली बत्ती नहीं लगाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्यवाई होगी। ग़ौरतलब है कि योगी सरकार द्वारा हूटर के इस्तेमाल पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

कानून व्यवस्था

राज्य की क़ानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिये योगी सरकार ने कई महत्वपूर्ण क़दम उठाए हैं। गौ-तस्करी करने वालों को कड़ी कार्यवाई की चेतावनी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही गौ-हत्या और गौ-तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था।

गत वर्षों में प्रदेश में बलात्कार, छेड़खानी और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में तेज़ी से बढ़ौतरी होने के कारण भाजपा ने इस मुद्दे को भी चुनावी घोषणापत्र में गंभीरता से जगह दी थी। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश में राज्य सरकार ने न केवल एंटी रोमियो दल का गठन करने की घोषणा की बल्कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को किसी के भी साथ अमानवीय व्यवहार न करने के निर्देश जारी किए ताकि भाजपा सरकार से महिलाओं को जो उम्मीदें हैं उन पर पूरा उतरा जा सके।

इसी तरह समस्त सार्वजनिक स्थलों को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराए जाने तथा महिलाओं एवं किशोरियों के साथ राह चलते छेड़खानी, अभद्रता, अश्लील प्रदर्शन एवं टिप्पणियों की घटनाओं को रोकने हेतु मुख्यमंत्री ने प्रदेश व्यापी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। गुंडों को सख़्त खुली चेतावनी देते उन्होंने क्हा कि वे ‘‘सुधर जाएं या यूपी छोड़कर चले जाएं, नही ंतो वहां भेज देंगे जहां कोई भी जाना नहीं चाहता।’’

साथ ही उन्होंने अपराधियों, तस्करों, भू माफियाओं आदि पर बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किये। युवक और युवती आपसी सहमति से किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बैठे हैं या कहीं जा रहे हैं तो उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान न करने के निर्देश दिए। पुलिस को जनता से सीधा संवाद स्थापित कर छोटी से छोटी घटनाओं का भी संज्ञान लेने के निर्देश दिए। सुरक्षा और शान्ति के लिए खतरा पैदा करने वाले लोगों को चिन्ह्ति कर कार्रवाई किए जाने का हुक्म दिया और उत्पीड़न और एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर भी शीघ्रता से कार्रवाई किए जाने को कहा। यह सब इसलिए कि प्रदेश से गुंडाराज और भ्रष्टाचार को समाप्त कर पारदर्शी एवं भयमुक्त राज्य बनाया जा सके।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य

केंद्र सरकार द्वारा सस्ती दर पर उपलब्ध कराई जाने वाली जेनेरिक दवाओं से संबंधित योजना को आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने राज्य में इन जेनेरिक दवाओं की 3 हज़ार दुकानें खोलने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। योग को बढ़ावा देने हेतु निर्णय लिया गया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेश के 40 जनपदों में योग वेलनेस सेण्टर स्थापित किए जाएंगे। इसी मक़सद से यह भी निर्णय लिया गया है कि 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर हर वर्ष अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए ताकि योग को बढ़ावा मिल सके।

राज्य में झोला छाप डाक्टरों पर रोक लगाने तथा अवैध अल्ट्रासाउण्ड मशीन रखकर भ्रूण हत्या करने वालों के खिलाफ कार्यवाही के भी सख़्त निर्देश जारी किए गये हैं। प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े इंसेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि इसेफेलाइटिस पूर्वांचल के विकास में सब से बड़ा बाधक है और वह इसके समूल उन्मूलन के लिए बेहद गंभीर हैं।

इस संबंध में अन्य महत्वपूर्ण क़दमों में एक डा0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एम0बी0बी0एस0 की 150 सीटों की बढ़ौतरी और लखनऊ के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों – राम मनोहर लोहिया, श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा बलरामपुर अस्पताल -में आनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाना है।

कृषि एवं किसान

किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण क़दम उठाते हुए राज्य सरकार ने 100 दिनों के भीतर गेहूं खरीद लक्ष्य को 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर लगभग 80 लाख मीट्रिक टन करने की घोषणा की। इसी प्रकार, 31 मार्च, 2016 तक प्रदेश के 86 लाख से अधिक लघु व सीमान्त किसानों को लाभांवित करने का बड़ा फैसला लिया गया जिसके तहत उनको जितना भी फसली ऋण दिया गया है, उसका 31 मार्च, 2017 को अचुकता अवशेष लगभग 36000 करोड़ रुपये माफ कर दिया गया।फसली ऋण माफी की अधिकतम सीमा प्रति किसान एक लाख रु0 होगी।

गन्ना उगाने वाले किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने घोषणा की है कि निर्धारित अवधि में अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान न करने वाले चीनी मिल मालिकों के विरुद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज कराई जाएगी। इस बाबत राज्य पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्यवाई करना प्रारंभ कर दी है।

आगामी 100 दिवसों में राज्य सरकार सठियाव एवं स्नेहरोड़ सहकारी चीनी मिलों में नई आसवनी एवं एथनाल प्लान्ट का लोकार्पण करने जा रही है।

गन्ना विकास

गन्ना किसानों को शीघ्र लाभ पहुंचाने के मक़सद से योगी सरकार ने मात्र 100 दिनों में गन्ना किसानों को 21 हजार 570 करोड़ रु0 का भुगतान कराया।

खाद्य एवं आपूर्ति

जब सरकार गरीब और पिछड़े वर्ग की समस्याओं को लेकर गंभीर हो तो कैसे मुमकिन है कि कोई केवल इसलिए भूखा रह जाए कि उसके पास आधार कार्ड नहीं है। राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि आधार कार्ड के अभाव में किसी भी पात्र व्यक्ति को राशन प्राप्त करने से वंचित न किया जाए।

भूतत्व एवं खनिकर्म

खनिज नियमावली को मंजूरी देते हुए योगी सरकार ने घोषणा करी कि अवैध खनन की शिकायतों के लिए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे जिम्मेदार होंगे। साथ ही अवैध खनन में जुर्माने में 10 गुना और सज़ा में 20 गुना बढ़ौतरी की गई है। खनन पट्टों के लिए ई-टेण्डरिंग के माध्यम से पारदर्शी ढंग से प्रक्रिया पूरी किये जाने के निर्देश भी जारी किए गये हैं।

उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत

गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्हा थाः ‘‘हम अपने सभी वायदे पूरे करेंगे ताकि उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बना सकें। हमें ऐसा करने के लिए आप के समर्थन की आवश्यकता है।’’ यूपी में सत्ता संभालने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने जो ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं उन सब का उल्लेख कर पाना यहां सीमित जगह में मुमकिन नहीं है। परन्तु वास्तविकता यही है कि योगी आदित्यनाथ ने समाधानों के साथ यूपी की जो पारी प्रारंभ की है उससे साफ प्रतीत होता है कि वह तैयारी कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक संपन्नता, जो गत वर्षों में हाशिये पर चली गई है, को सुशासन के माध्यम से पुनः प्रतिष्ठित कर सकें।

 

अज़ीज़ हैदर

(Article exclusively done for Outlook Magazine)

 

 

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