कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी एक ही सिक्के के दो रूखः मुस्लिम संगठन

BJPआर एन आई, लखनऊः

‘‘कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी एक ही सिक्के दो रूख हैं। एक पीछे से वार करता है तो दूसरा सामने से छुरा घोंपता है। हमें किसी से वफादारी की आशा नहीं रखना चाहिए।’’ यह विचार लखनऊ की मुस्लिम संगठन अखिल भारतीय मुस्लिम एकता मंच की ओर से सचिव निहाल खां ने संगठन की एक मीटिंग के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त किए। निहाल खां ने क्हा कि आजादी के 60 से अधिक वर्ष गुजर जाने के बावजूद जिस प्रकार यह दोनों पार्टियां शोषण कर रही हैं उसके आगे ब्रिटिश हुकूमत द्वारा किया गया शोषण भी फीका दिखाई पड़ता है।

अखिल भारतीय मुस्लिम एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाक्टर अमानत हुसैन ने क्हा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद से अब तक केवल जनता को बेवकूफ बनाया है। उन्होंने क्हा कि वह एन डी ए और यू पी ए में कोई अन्तर नहीं देखते।

Dr. Amanat Husain, President, Akhil Bhartiya Muslim Ekta Manch

Dr. Amanat Husain, President, Akhil Bhartiya Muslim Ekta Manch

गौरतलब है कि यह ब्यान उस समय आया है जब समूचा उत्तर भारत चुनावी लहर में डूबा है। कई स्थानों पर भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के सामने आप, सपा और बसपा के उम्मीदवार जोर आजमाई कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा छोड़ हर पार्टी चाहती है कि अधिकाधिक मुस्लिम वोट उसकी झोली में पड़े। डाक्टर अमानत हुसैन ने क्हा कि वे किसी पार्टी विशेष का समर्थन नहीं कर रहे परन्तु इन दोनों पार्टियों के बहिष्कार की मांग अवश्य कर रहे हैं।

हालांकि अखिल भारतीय मुस्लिम एकता मंच के प्रेस वक्तव्य से साफ है कि वे समाजवादी पार्टी की ओर झुकाव रखती है। प्रेस नोट में निहाल खान के हवाले से लिखा है कि ‘‘भारत के निर्वाचन आयोग को हम निष्पक्ष मानते थे और हम उस पर भरोसा करते थे कि इस निर्वाचन आयोग में टी एन सेशन जैसे निष्ठावान लोग हैं। भारत की जनता को उनपर गर्व होता था। किन्तु उस निर्वाचन आयोग पर भी देश के मुसलमानों के साथ साथ भारत के नागरिकों का भरोसा उठता जा रहा है। क्यों उन्होंने मुसलमानों के मसीहा ईमानदार निष्ठावान और नेक किरदार आजम खां जैसे कद्दावर देशभक्त नेता पर भड़काऊ भाषण का आरोप लगाकर प्रतिबंध लगा दिया कि जब तक माफी नहीं मांगते प्रतिबंध लगा रहेगा। यदि आजम खां जैसे देश भक्त नेताओं के भाषणों से माहौल खराब हो सकता है तो चुनाव आयोग को नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे लोगों पर तुरन्त प्रतिबंध लगाना चाहिए जिन पर मानवता को कत्ल करने के मुकदमे चल रहे हैं। अमित शाह जो गुजरात में अनेक आपराधिक मुकदमों में मुल्जि़म है, जिन पर सुप्रिम कोर्ट ने गुजरात जाने पर रोक लगा रखी है, ऐसा व्यक्ति जब उत्तर प्रदेश आता है तो साम्प्रदायिक दंगे कराता है और इतना ही नहीं आजमगढ़ की चुनावी जनसभा में आजमगढ़ जैसे मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र जिसको वीरों की धरती क्हा जाता है उसको आतंकवादियों का अड्डा बताता है। अमित शाह द्वारा लगातार सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है परन्तु चुनाव आयोग इस पर प्रतिबंध न लगा कर आजम खां जैसे देश भक्तों पर प्रतिबंध लगाता है।’’

यह संगठन भले ही किसी पार्टी विशेष अथवा व्यक्ति विशेष की ओर झुकाव रखती हो पर यह जगजाहिर है कि चुनाव आयोग के दोहरे मापदंड सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग ऐसा डरा डरा सा दिखाई पड़ रहा है कि अब कुछ पार्टियों के नेता उसपर खुल्लम खुल्ला हमला बोल रहे हैं परन्तु चुनाव आयोग ने भीगी बिल्ली समान चुप्पी साध रखी है।

रियल न्यूज इंटरनेश्नल न्यूज ब्यूरो

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