‘‘भारत के मुसलमानों को पहली बार सही मायनों में आजादी मिली है’’ः भाजपा से जुड़े मुस्लिम नेता

Muslim-Modi-Delhi-rally-PTI‘‘भाजपा शासित सरकारें जहां हैं वहां भाजपा को अल्पसंख्यक समुदाय का 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिला’’

आर एन आई, नई दिल्लीः

जहां एक ओर मीडिया का एक धड़ा लोक सभा चुनाव को धर्म के आधार पर विभाजित बता रहा है वहीं भाजपा से जुड़े अल्पसंख्यक समुदाय के नेता इस विचारधारा को गलत मानते हैं। उनका कहना है कि यह विचारधारा गलत है कि मुसलमानों ने भाजपा को वोट नहीं दिया।

आर एन आई ने भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रशीद अंसारी से बात की जो पिछले दो महिनों में देश के कोने कोने में जाकर पार्टी के लिए अल्पसंख्यक वोट प्राप्त करने की कोशिश करते रहे।

Rasheed Ansari

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रशीद अंसारी का मानना है कि इतनी बड़ी कामयाबी तभी मिल सकती थी जब पार्टी के तमाम धड़े मिलजुल कर अपना काम करें। उन्होंने बतायाः ‘‘पार्टी के सभी युनिट जिसमें अल्पसंख्यक मोर्चा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अन्य तमाम प्रकोष्ठ और पार्टी के तमाम कार्यकत्र्ताओं ने मिल कर काम किया है। बूंद बूंद से समुंद्र बनता है। भाजपा के जहां जहां उम्मीदवार हैं उन्हें मालूम है कि अल्पसंख्यक समुदाय के कितने लोगों ने उनके लिए काम किया और कितनों ने उन्हें वोट दिया। यदि कश्मीर की घाटी में जहां 95 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है वहां भाजपा को वोट मिलता है तो साफ है कि वहां करीब 95 प्रतिशत मुसलमानों ने भाजपा को वोट दिया।’’

हिमाचल में शिमला संसदीय सीट का उल्लेख करते हुए रशीद अंसारी ने बताया कि उस संसदीय क्षेत्र में दो विधान सभा सीटें ऐसी हैं जहां 15 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम वोट है। उदाहरण के लिए नहान विधान सभा सीट है। उन्होंने क्हा कि मैं स्वयं वहां गया था और मुस्लिम समुदाय की बड़ी संख्या वहां भाजपा के लिए काम कर रही थी।

इसी प्रकार देश के दूसरे भागों में अपने अनुभवों को बताते हुए रशीद अंसारी ने क्हा कि कोलकत्ता-उत्तर सीट पर राहुल सिन्हा जो पश्चिम बंगाल में भाजपा के अध्यक्ष हैं वह चुनाव लड़ रहे थे। उनकी दो जनसभाएं घनी मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में हुईं। उनका स्वयं का अनुभव बताएगा कि इन इलाकों में कितने मुस्लिम उनके लिए काम कर रहे थे और कितना वोट मिला।

रशीद अंसारी ने क्हा कि इसी प्रकार देश के दूसरे भागों में चाहे नागपुर हो, बनारस हो या लखनऊ हो बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय ने भाजपा को वोट दिया। उन्होंने क्हाः ‘‘इसको आप गिनती में नहीं ला सकते। लेकिन बड़ी संख्या है और पहले से कहीं अधिक है। दूसरी बड़ी हकीकत यह है कि जहां जहां भाजपा सरकारें हैं वहां माहौल इतना अच्छा रहा है कि भाजपा को अल्पसंख्यक समुदाय का 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिला है। चाहे वह गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, छत्तीसगढ़ हो, राजस्थान हो या फिर गोवा हो, सब जगह सही देखने को मिला। बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी यही प्रवृत्ति देखने को मिली। दूसरी कई जगहों पर मैं गया वहां भी यही देखने को मिला। अभी कोई कुछ भी क्हे, यह सब तथ्य बाद में सामने आएंगे जब चुनावी वोट का विश्लेषण होगा।’’

अंसारी मानते हैं कि मुस्लिम समुदाय की बड़ी संख्या अभी भी भाजपा से दूर रही। ‘‘यह हम नहीं कह रहे हैं कि कितना प्रतिशत मिला परन्तु बड़ी संख्या में मिला और पहले से अधिक मिला। विशेष रूप से जिन प्रदेशों में भाजपा सरकारें हैं वहां बहुत अच्छा वोट मिला है। क्योंकि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों के अच्छे अनुभव रहे हैं और जो हव्वा बनाया गया था वह समाप्त हो चुका था।’’

अंसारी ने क्हाः ‘‘उदाहरण के रूप में मैं गुजरात के गोधरा को पेश करूंगा जहां निगम परिषद में 7 मुस्लिम सदस्य भाजपा के टिकट पर जीते हुए हैं। यदि भाजपा के टिकट पर 7 सदस्य जीतते हैं तो वह दर्शाता है कि वहां की स्थिति क्या है। यह परिवर्तन एक दिन में तो नहीं आ गया। क्हीं तो पुल बना होगा अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समुदाय के बीच, भाजपा और मुस्लिम समुदाय के बीच। तब जा कर दूरी कम हुई। तब तो भाजपा सात मुसलमानों को लड़ा पाई जिन में दो महिलाएं भी हैं और जिता पाई। पूरे गुजरात में निगम, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत में करीब 240 मुसलमान हैं जो भाजपा टिकट पर जीत कर आए हैं। क्या इनमें से चार पांच लोग ऐसे नहीं निकलेंगे जिन्हें अगले विधानसभा चुनाव में लड़ाया जा सके। हमको समझना होगा कि हम किस हद तक पार्टी से जुड़े हैं। ऐसा नहीं हो सकता कि हम शर्त रखें कि हम 18 प्रतिशत हैं तो इतना दे दो, दस प्रतिशत हैं तो इतना दे दो। हम को समझना होगा कि हम पहले भागीदारी बढ़ाएं। राजस्थान में विधानसभा चुनाव में भाजपा ने चार टिकट मुसलमानों को दिए; यह कम हैं क्या?’’

गुजरात में भरूच का उल्लेख करते हुए जो अहमद पटेल का घर माना जाता है अंसारी ने बताया कि उन्होंने वहां भी कई चुनावी मीटिंग की और मुस्लिम समुदाय से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिली। उन्होंने बताया कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से एस एम अकरम और शाकिर अंसारी जैसे नेता भी भारत के विभिन्न प्रदेशों में गए और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच काम करते रहे। अंसारी ने क्हाः ‘‘पिछले दो महीने में मैं स्वयं करीब 16-17 प्रदेशों में गया। आसाम में मेरे ही समक्ष एक दिन में 400 मुस्लिम पार्टी में दाखिल हुए। भाजपा आफिस की छत छोटी पड़ गई जहां प्रोग्राम रखा गया था।’’

आर एन आई ने अल्पसंख्यक मोर्चा के शाकिर हुसैन अंसारी से भी बात की जो विशेष रूप से हरियाणा और दिल्ली के प्रभारी थे परन्तु देश के विभिन्न प्रदेशों में अल्पसंख्यक वोट को भाजपा में लाने के लिए घूमते दिखे।

शाकिर अंसारी ने बताया कि ‘‘भाजपा में अल्पसंख्यक मोर्चा और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मिल जुल कर प्रोग्राम बनाया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष रशीद अंसारी और जेके जैन देश के हर प्रदेश में गए। हमने हर प्रदेश के प्रभारी बनाए थे जो जोर शोर से विभिन्न प्रदेशों में जाकर मुसलमानों को इकट्ठा करके भाजपा के लिए चुनावी मीटिंग आयोजित कर रहे थे। डाक्टर नाहिद जफर शेख महाराष्ट्र की प्रभारी थीं। उसी प्रकार तनवीर हैदर और शहजाद उत्तर प्रदेश में काम देख रहे थे। उत्तराखंड, कश्मीर, आसाम, हर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग अल्पसंख्यकों को भाजपा से जोड़ने के लिए काम कर रहे थे। इसके अतिरिक्त दिल्ली में हमने उलेमा काउंसिल की एक बड़ी मीटिंग की। एक अन्य मीटिंग में मुस्लिम समुदाय से जुड़े बुद्धिजीवियों को बुलाया। इन सब का संचालन संघ के इंद्रेश कुमार और राम लाल जी कर रहे थे। पहली बार व्यवस्थित रूप से काम किया गया जिसके परिणाम सब के सामने हैं। जितना मुस्लिम वोट इस बार मिला उतना पहले कभी नहीं मिला था।’’

पुराने लखनऊ के मुस्लिम बहुलसंख्यक इलाकों का उदाहरण देते हुए शाकिर अंसारी ने बताया कि ‘‘हम वहां राजनाथ सिंह जी के लिए प्रचार कर रहे थे। प्रचार सभा में राजनाथ सिंह जी के रिश्तेदार पंकज जी और लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा जी भी उपस्थित थे। उस इलाके में राजनाथ सिंह जी का रोडशो हुआ तो मुसलमानों ने जोर शोर से समर्थन दिया। जो भी मुसलमान जुड़े थे वह दिल से जुड़े थे और काम कर रहे थे।’’

Shakir Husain Ansari

Shakir Husain Ansari

शाकिर अंसारी ने बताया कि भारत में पहली बार मुस्लिम महिलाओं को भाजपा से जोड़ने की कोशिश की गई। इस मुहिम का नेतृत्व नाहिद जफर शेख कर रही थीं जो महाराष्ट्र की भी प्रभारी थीं।

Some members of National Executive of BJP Minority Morcha

Some members of National Executive of BJP Minority Morcha

नाहिद जफर शेख से भी आर एन आई ने बात की जिन्होंने माना कि मुस्लिम वोट बड़ी संख्या में बंटे परन्तु क्हा कि भाजपा की इतनी अधिक संख्या में सीटें मुस्लिम वोट के बिना आ ही नहीं सकती थीं। नाहिद ने क्हा कि मुसलमानों का करीब 12 प्रतिशत वोट भाजपा के खेमे में अधिक आया है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुसलमान चाहता है कि देश के साथ उसकी भी तरक्की हो, हमारे नवजवानों को भी रोजगार के अवसर मिलें।

नाहिद जफर शेख ने क्हा कि आने वाले पांच वर्षों में बहुत बड़ी तादाद में मुस्लिम भाजपा से जुड़ेंगे। ‘‘मेरा तो यह मानना है कि आज पहली बार भारत का मुसलमान आजाद हुआ है। आज तक मुसलमान को मुसलमान कह कर अलग करने की राजनीति की जाती है। अब पहली बार वह मुख्यधारा राजनीति में आए हैं। आजादी के बाद पहली बार अब हम सब में शामिल हो गए हैं। अब हम सब के समान बराबर रोजगार के और अन्य मौके पा सकेंगे।’’

वरिष्ठ पत्रकार अजीज हैदर का कहना है कि किसी भी निश्पक्ष पत्रकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सी सरकार सत्ता में हैं। परन्तु गत 5 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने जिस कुशासन और भ्रष्टाचार का नमूना पेश किया वह हम न केवल बार बार उजागर करते रहे बल्कि यह भी स्पष्ट होता जा रहा था कि हिन्दु हो या मुसलमान, सब दिल से बदलाव चाह रहे थे।

तनु एफ / रियल न्यूज इंटरनेश्नल न्यूज ब्यूरो

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