शीर्ष मुस्लिम नेतृत्व ने की राजनाथ सिंह से भेंट; आतंकी संगठनों की ओर भारतीय युवकों की बढ़ती नजदीकियों पर गृह मंत्री ने मांगी सहायता, मुसलमानों की चिंताओं की ओर ध्यान रखने का दिया आश्वासन

Rajnath Singh meets J & K youthदेश के प्रमुख मुस्लिम नेतृत्व ने आज गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की और उनको विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया जिनसे देश के मुसलमानों को सामना कर पड़ रहा है। गृह मंत्री ने न केवल उनके दृष्टिकोण को ध्यानपूर्वक सुना बल्कि मुस्लिम समुदाय की चिंताओं का समाधान निकालने के लिए हर संभव कोशिश का आश्वासन दिया। उन्होंने मुस्लिम नेतृत्व को आश्वासन दिया कि उन्हें असुरक्षित महसूस करने का कोई कारण नहीं है।

KamalFaruquiबैठक के विवरण की आर एन आई को जानकारी देते हुए दिल्ली के प्रमुख मुस्लिम नेता कमाल फारूकी ने इस बैठक को बहुत ही सकारात्मक कदम बताया और क्हा कि समुदाय से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सब से प्रमुखता से जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उसमें वक्फ का मुद्दा, अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अल्पसंख्यक चरित्र का मुद्दा और देश के सामने कथित इस्लामी आतंकवाद का खतरा और उससे निपटने के तौर तरीकों पर बात हुई।

KalbeJawadप्रमुख मुस्लिम नेता मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने बैठक में हुए सकारात्मक विचार विमर्श की प्रशंसा की। आर एन आई को बैठक की मुख्य कार्यवाही के बारे में बताते हुए उन्होंने क्हा कि चर्चा का मुख्य मुद्दा भारत में आईएसआईएस जैसी आतंकवादी संगठनों के रोकने के तौर तरीकों पर बातचीत थी। प्रतिमंडल ने गृह मंत्री को बताया कि यह आतंकी संगठन इस्लाम विरोधी हैं और इनका धर्म से कोई सम्बंध नहीं। उन्होंने क्हा कि इस्लाम शांति और भाईचारे का धर्म है। आम सहमति यह बनी कि उलमा इन आतंकवादियों के खिलाफ विभिन्न प्लेटफार्मों विशेषकर मस्जिदों के मिम्बरों से बोलें और इन्हें बेनकाब करें। मौलाना कल्बे जव्वाद ने इन आतंकियों के धन के स्त्रोतों की जांच और उस पर अंकुश लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

राजनाथ सिंह ने आहवान किया कि वह देश को इन आतंकवादियों से छुटकारा दिलाने के लिए हर प्रकार का प्रयत्न करेंगे। उन्होंने क्हा कि यह आतंकवादी संगठनें भारतीय मुसलमानों को पथभ्रष्ट करने में नाकाम रही हैं। राजनाथ सिंह ने उलमा और प्रमुख मुस्लिम नेतृत्व को जोड़ कर एक कमिटी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि दोनों ओर से विचारों का आदान प्रदान हो सके और मुस्लिम समुदाय से जुड़ी विभिन्न समस्याएं गृह मंत्री तक पहुंचाई जा सकें।

मीटिंग में एनएसए अजीत दोवाल और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अफसर भी उपस्थित थे।

image_pdfimage_print

About admin